शुक्रवार, 18 मार्च 2011

तेरा अहसास

न हो तू जो मेरे सामने ,दिल डूब सा जाता है ,
एक लम्हा मुझे एक सदी का अहसास करा जाता है .

मेरी जिंदगी तो रेगिस्तान के कैक्ट्स सी थी ,
तेरा अहसास इस कैक्ट्स मै फूल खिला जाता है .

हर जगह तू नजर आता है , तेरा नाम पहले आता है ,
और उन्हें हमें अनदेखा करने मे मजा आता है .

न जाने क्यू  ये अनहोनी मेरे साथ हो गयी ,
जिंदगी की रफ़्तार एक ख़ूबसूरत  मोड़ मे थम गयी .

तू हो सामने ये  लम्हा यही रुक जाये दिल कहता है ,
तेरे प्यार के दरिया मे गोते लगाने का दिल कहता है .

तेरे रूठने के अहसास से भर से ये दिल डूबते चला जाता है ,
और वो है की हमें डूबते देखने मे मजा आता है .
             इरा ऋतु  दुबे १८ /०३/२०११/

17 टिप्‍पणियां:

P.K.Tripathi ने कहा…

very Good !

P.K.Tripathi ने कहा…

Very Good !!

Rahul Singh ने कहा…

ऐसी क्‍या बेरुखी.

P.K.Tripathi ने कहा…

You write Very Good.
This is your hidden talent !!!

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari ने कहा…

गहरी अभिव्‍यक्ति.

P.K.Tripathi ने कहा…

Hidden Talent !!!

ओम पुरोहित'कागद' ने कहा…

रितु दूबे जी,
आपका ब्लोग तो मैं पहले भी देख चुका हूं !
बहुत शानदार एवम जानदार ब्लोग है आपका !
बधाई हो !
ताज़ा रचना भी ब अहुत अच्छी है । यह पंक्तियां दिल को छूती हैं-
मेरी जिंदगी तो रेगिस्तान के कैक्ट्स सी थी ,
तेरा अहसास इस कैक्ट्स मै फूल खिला जाता है .
[]-ओम पुरोहित"कागद"
www.omkagad.blogspot.com

"जोगेंद्र सिंह" "Jogendra Singh" ने कहा…

▬● ऋतु , खूबसूरती से बनाया गया ब्लॉग और रचना........

जोगेन्द्र सिंह (मेरी लेखनी, मेरे विचार..)

.

Ravi Tiwari ने कहा…

bahut khoob

Dinesh Mishra ने कहा…

बहुत सुंदर अभिव्यक्ति... !!

Sunil Kumar ने कहा…

मेरी जिंदगी तो रेगिस्तान के कैक्ट्स सी थी ,
तेरा अहसास इस कैक्ट्स मै फूल खिला जाता है
बहुत ही खुबसूरत शेर, बहुत खूब .

बेनामी ने कहा…

Fantastic Bhabhi ji

krish ने कहा…

very nice Bhabhi ji

UNBEATABLE ने कहा…

वह तुमने .... उस एहसास की अनुभूति करवा दी अपने शब्दों से .... कोमल भावों के साथ सुन्दर रचना ... बधाई

surendrashuklabhramar ने कहा…

तेरे रूठने के अहसास से भर से ये दिल डूबते चला जाता है ,
और वो है की हमें डूबते देखने मे मजा आता है .
बहुत खूब इरा जी नारी मन की गहरी पहचान और अभिव्यक्ति भरी है आप में आप के ब्लोग्स में -थोडा हिंगलिश बनाने में कृपा कर और ध्यान दें तो सुन्दरता और बढ़ जाये जैसे निम्न पंक्तियों को मै इस तरह से समझता हूँ
उनके रूठने के अहसास भर से - ये दिल डूबते चला जाता है ,
और वो हैं की उन्हें- हमें डूबते देखने मे मजा आता है .
शुक्ल भ्रमर ५

arun pandey ने कहा…

जहाँ प्यार है वहीँ तो ये प्यारे -२ नोक-झोंक भी है , डूबते देखने में मज़ा आना दिखाना या दिखना यहीं अहशास तो ये अहशास दिलाता है की किस हद तक प्यार है , इतना गहरा प्यार है तभी तो कैक्टस में भी फूल खिल जाते है ....
बहुत ही खुबसूरत सोच से इस कविता की रचना की गयी , इस प्रस्तुति के लिए बहुत-२ बधाई

bilaspur property market ने कहा…

और वो है की हमें डूबते देखने मे मजा आता ""
शानदार एहसास
बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति